आंध्र प्रदेश सरकार ने नगर निगमों और नगर पालिकाओं में मेयर और अध्यक्षों के सीधे चुनाव के लिए नए नियम जारी किए हैं। अब वार्ड सदस्य भी सीधे चुने जाएंगे, जिससे अप्रत्यक्ष चुनाव की पुरानी व्यवस्था खत्म हो जाएगी।
मतदाता सीधे मेयर और अध्यक्षों का चुनाव करेंगे, जिससे सदस्यों द्वारा होने वाले अप्रत्यक्ष चुनाव की जगह ले ली जाएगी। 8 सितंबर से 59 शहरी स्थानीय निकायों में एससी/एसटी/बीसी/महिला मतदाताओं की पहचान के लिए 14 दिवसीय अभियान शुरू होगा, और अंतिम श्रेणीवार मतदाता सूची 21 सितंबर तक तैयार हो जाएगी।