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The Journalism of Outrage

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पश्चिम गोदावरी में चिंचिनाडा पुल से गोदावरी नदी में कूदकर एक परिवार के चार सदस्यों ने जान दे दी। मां को मछुआरों ने बचा लिया जबकि पति और दोनों बच्चों के शव रविवार को बरामद हुए।

पश्चिम गोदावरी में चिंचिनाडा पुल से गोदावरी नदी में कूदकर एक परिवार के चार सदस्यों ने जान दे दी। मां को मछुआरों ने बचा लिया जबकि पति और दोनों बच्चों के शव रविवार को बरामद हुए।

5 सितंबर 2026, शनिवार सुबह लगभग 7 बजे, आंध्र प्रदेश के पश्चिम गोदावरी जिले के येलामंचिली मंडल में चिंचिनाडा पुल से चार लोगों के एक परिवार ने गोदावरी नदी में छलांग लगा दी। नम्बूरी श्रीनिवास राव (45), उनकी पत्नी पद्मिनी (42), उनका बेटा ईस्वर (जिसे वेंकट ईस्वर भी कहा जाता है, 16 वर्ष, प्रथम वर्ष पॉलिटेक्निक) और उनकी बेटी नित्या (जिसे नित्यास्री भी कहा जाता है, लगभग 15 वर्ष, कक्षा 9) ने एक साथ यह कदम उठाया। मछुआरों ने केवल पद्मिनी को बचाया। पति और दोनों बच्चों के शव रविवार, 6 सितंबर को बरामद किए गए।

सार्वजनिक रिकॉर्ड में इसके कारणों के रूप में बढ़ता कर्ज, लगभग आठ महीने से बंद पड़ा एक विफल दूध व्यवसाय, ₹2.5 लाख में बंधक रखा गया एक घर और एक सुसाइड नोट शामिल हैं। पुलिस और स्थानीय सूत्रों ने इसे अगस्त के बाद से उसी या उससे जुड़े पुलों पर होने वाला तीसरा ऐसा मामला बताया है। पद्मिनी को राजोल से तानुकु और फिर एलुरु के सरकारी सामान्य अस्पताल (Government General Hospital) में भर्ती कराया गया। शुरुआती रिपोर्टों में उनकी हालत गंभीर और बेहोशी की स्थिति में बताई गई थी, जबकि बाद की कुछ रिपोर्टों में उन्हें खतरे से बाहर बताया गया।

येलामंचिली सब-इंस्पेक्टर एम. राज कुमार ने इस मामले की जांच की। एसडीआरएफ (SDRF) और फायर टीमों ने नदी में तलाशी अभियान चलाया। पुल पर स्कूटर मिले। संकट में फंसे लोग 104 या टेली-मानस 14416 पर कॉल कर सकते हैं। ये नंबर स्थानीय पुलिस या अस्पताल की देखभाल का विकल्प नहीं हैं, लेकिन इस घटना के लिए ये सार्वजनिक हेल्पलाइन नंबर हैं।

जांच डेस्क को सुसाइड नोट से जोड़े गए किसी भी मनगढ़ंत उद्धरण या ₹2.5 लाख के बंधक आंकड़े से परे किसी मनगढ़ंत ऋण बहीखाते को शामिल करने से बचना चाहिए। अगस्त से पश्चिम गोदावरी में पुलों पर होने वाली त्रासदियों ने एक परिवार की छलांग को एक पैटर्न फाइल में बदल दिया है: वही पुल, वही सुबह का समय, और वही शव निकालने की प्रक्रिया। इसमें शनिवार की छलांग, रविवार को शवों की बरामदगी, चारों सदस्यों के नाम और उम्र, दूध व्यवसाय का रुकना, अगस्त से तीसरा पुल पैटर्न और पद्मिनी का अस्पताल का सफर शामिल है। यह रिपोर्ट किसी साहूकार के खिलाफ पूरी चार्ज शीट पेश नहीं करती, और न ही नित्या की कक्षा या उम्र (कक्षा 9 / 15 वर्ष) को लेकर आई अलग-अलग रिपोर्टों को अंतिम मानता है।

नदी के पुलों पर कर्ज की वजह से होने वाली आत्महत्याएं पश्चिम गोदावरी में एक आवर्ती त्रासदी बन गई हैं। जब कोई परिवार पुल पर अपने स्कूटर छोड़ जाता है और केवल एक सदस्य को जीवित निकाला जाता है, तो जांच की कहानी सामाजिक ताने-बाने की होती है — बंधक, विफल आजीविका, और बार-बार होने वाले पुल मामले — न कि शव निकालने की तस्वीरों का तमाशा। पाठकों को हेल्पलाइन नंबरों और पुष्ट तथ्यों पर ध्यान देना चाहिए, और किसी भी ऐसे मनगढ़ंत लेनदार या बैंक के नाम को खारिज करना चाहिए जो इस रिपोर्ट में नहीं है। स्थान के नाम तानुकु, चिंचिनाडा, येलामंचिली मंडल और एलुरु अस्पताल ही रहेंगे — किसी नए नाम से नहीं।