वाईएसआरसीपी ने डीएससी 2025 विवाद पर मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू पर सोशल मीडिया अकाउंट ब्लॉक करने का आरोप लगाया है। पार्टी ने सीबीआई जांच और शिक्षा मंत्री नारा लोकेश के इस्तीफे की मांग की है।

वाईएसआर कांग्रेस पार्टी (YSRCP) ने रविवार, 6 सितंबर 2026 को मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू पर डीएससी 2025 में कथित अनियमितताओं को उजागर करने वाले सोशल मीडिया अकाउंट्स को ब्लॉक करने का आरोप लगाया। पार्टी ने इस रवैये को तानाशाही करार दिया और कहा कि यह कदम खुद ही उनकी गलती को साबित करता है। राजनीतिक मोर्चे पर यह एक विपक्षी मांग का दिन रहा, जिसमें मेटा (Meta) से अकाउंट्स की बहाली, कानूनी सहायता, सीबीआई जांच और शिक्षा मंत्री नारा लोकेश के इस्तीफे की मांग शामिल है। यह हर खेल-कोटा या टीईटी (TET) आरोप पर कोई अंतिम अदालत का फैसला नहीं है।
ताडेपल्ली केंद्रीय कार्यालय में आधिकारिक प्रवक्ता पुट्टा शिवा शंकर ने कहा कि साइबर क्राइम विंग ने मेटा से शिकायत की है, जिसके बाद पार्टी-समर्थक मीडिया समूह के साथ-साथ पार्टी और समर्थकों के फेसबुक और इंस्टाग्राम अकाउंट्स पर ब्लॉक लग गए हैं। उन्होंने कहा कि पार्टी मेटा से बात करके अकाउंट्स को बहाल कराएगी और प्रभावित इन्फ्लुएंसर्स को कानूनी सहायता भी देगी। इन आरोपों में अनिवार्य टीईटी के बिना नौकरी देना, कीमतों के ऑडियो लीक के साथ खेल-कोटा का दिखावा, और राष्ट्रीय खिलाड़ियों के बजाय अज्ञात खेलों के भागीदारी प्रमाण पत्र को प्राथमिकता देना शामिल है। जब तक जांच रिपोर्ट कुछ और नहीं कहती, तब तक ये दावे सिर्फ विपक्षी आरोप ही माने जाएंगे।
राजमुंदरी में युवा मोर्चा अध्यक्ष जक्कंपुडी राजा ने कहा कि पार्टी के पास पुख्ता सबूत हैं और वाई.एस. जगन मोहन रेड्डी द्वारा उठाए गए सवालों का कोई जवाब नहीं है। उन्होंने पार्टी की ओर से सीबीआई जांच और शिक्षा मंत्री नारा लोकेश के इस्तीफे की मांग की। उन्होंने पिछली सरकार के तहत ग्राम और वार्ड सचिवालय भर्ती को पूरी तरह से त्रुटिहीन बताया। इस खबर में नारा लोकेश और मुख्यमंत्री नायडू के नाम प्रमुख हैं, जो रविवार के बयानों में शामिल थे। यह दो-चरणीय दिन — मेटा की कहानी के लिए ताडेपल्ली और इस्तीफे की मांग के लिए राजमुंदरी — दिखाता है कि कैसे विपक्ष ने डीएससी 2025 को इस हफ्ते के राजनीतिक मौसम में बनाए रखने की कोशिश की।
राजनीतिक डेस्क को हर विवादित दावे पर आरोप का मार्कर लगाना चाहिए। सोशल-ब्लॉक की राजनीति प्लेटफॉर्म मॉडरेशन को एक बड़ा मुद्दा बना देती है, लेकिन यह अपने आप में भर्ती के आरोपों को साबित नहीं करती। मेगा डीएससी तर्कों को पहले से फॉलो कर रहे शिक्षक, उम्मीदवार और माता-पिता इस इस्तीफे की मांग को एक कदम आगे बढ़ने के रूप में देखेंगे, न कि सबूत के रूप में। यह खबर मेटा के टिकट नंबर, साइबर क्राइम शिकायत का टेक्स्ट, या सीबीआई एफआईआर नंबर नहीं गढ़ती। यह ताडेपल्ली और राजमुंदरी के चरणों, ब्लॉक की कहानी, टीईटी और खेल-कोटा के आरोपों को विपक्षी दावों के रूप में दर्ज करती है, और सीबीआई जांच व लोकेश के इस्तीफे की दोहरी मांगों को सामने रखती है। पाठकों को जांच रिपोर्ट आने से पहले किसी भी मनगढ़ंत क्लीन चिट या सजा को मानने से इनकार करना चाहिए।
आंध्र में विपक्षी भर्ती की राजनीति अब एक साथ दो ट्रैक पर चल रही है: डीएससी 2025 के आरोपों की सामग्री और यह दावा कि प्लेटफॉर्म्स पर उन आरोपों को दबाने का दबाव डाला गया। ताडेपल्ली में मेटा और कानूनी सहायता की बात हुई, जबकि राजमुंदरी में शिक्षा मंत्री नारा लोकेश पर केंद्रित सीबीआई और इस्तीफे की मांग उठी और मुख्यमंत्री नायडू को इसे ब्लॉक करने वाला बताया गया। दोनों चरणों को रविवार की राजनीति के रूप में ही देखें। किसी भी मनगढ़ंत ऑडियो ट्रांसक्रिप्ट, खेल-प्रमाण पत्र के सीरियल नंबर, या मेटा की उस पारदर्शिता रिपोर्ट को न मानें जो इस खबर में नहीं है।
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