एडमंड लालरिंडिका की हैट्रिक ने ईस्ट बंगाल को 22 साल बाद ड्यूरंड कप दिलाया। मोहुन बागान को 4-1 से मात देकर टीम ने 17वीं बार यह खिताब जीता और शीर्ष पर पहुंच गई।

ईस्ट बंगाल ने रविवार, 23 अगस्त 2026 को कोलकाता के विवेकानंद युवा भारती कृरंगन में 135वें इंडियनऑयल ड्यूरंड कप के फाइनल में मोहुन बागान सुपर जायंट को 4-1 से हरा दिया। यह जीत ईस्ट बंगाल का सत्रहवां ड्यूरंड खिताब है, जिससे वह एशिया के सबसे पुराने फुटबॉल टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा खिताब जीतने वाली टीम बन गई है। ईस्ट बंगाल का पिछला ड्यूरंड विजय 2004 में भी मोहुन बागान के खिलाफ ही 2-1 से हुआ था। इस बार का इंतजार 22 साल का था। इस बीच, उन्होंने 2023 का ड्यूरंड फाइनल भी इसी प्रतिद्वंद्वी से 0-1 से हार गए थे। रविवार का डर्बी इसलिए एक लंबे सूखे और हालिया हार के घाव को भरने वाला साबित हुआ।
बिपिन सिंह ने 10वें मिनट में गोल किया। एडमंड लालरिंडिका ने 12वें, 22वें और 44वें मिनट में गोल करके पहले हाफ में हैट्रिक पूरी की। मनवीर सिंह ने 33वें मिनट में मोहुन बागान के लिए एक गोल वापस किया। हाफ-टाइम तक का स्कोर 4-1 ही रहा। एडमंड लालरिंडिका पोस्ट-इंडिपेंडेंस पीरियड में कोलकाता डर्बी में हैट्रिक बनाने वाले ईस्ट बंगाल के दूसरे खिलाड़ी बन गए हैं। उनसे पहले 1997 फेडरेशन कप सेमी-फाइनल में भूटान भुटिया ने यह उपलब्धि हासिल की थी। यह डेस्क बिना किसी आधिकारिक आंकड़े के कब्जे (possession), शॉट या फाउल की संख्या का आविष्कार नहीं करता है।
एंटोनी लोपेज हाबास ने इस मैच में ईस्ट बंगाल को कोचिंग दी। मोहुन बागान की ओर से विशाल कैथ ने गोलकीपिंग की। टूर्नामेंट के पुरस्कारों में एडमंड लालरिंडिका को गोल्डन बॉल, विशाल कैथ को गोल्डन ग्लव और नॉर्थईस्ट यूनाइटेड के अलाएद्दिन अजराय को गोल्डन बूट से सम्मानित किया गया। पुरस्कारों की सूची फाइनल स्कोरलाइन से अलग है; 4-1 का स्कोर और सत्रहवां खिताब ही मुख्य तथ्य हैं।
कोलकाता का साल्ट लेक स्टेडियम, यानी विवेकानंद युवा भारती कृरंगन, इस मैच का स्थल है। एशिया के सबसे पुराने कप में कोलकाता डर्बी का स्थानीय महत्व है, जिसके लिए भीड़ की संख्या का आविष्कार करने की आवश्यकता नहीं है। फॉर्म बी या किसी पोल की तारीख इस स्पोर्ट्स रिपोर्ट में नहीं दी गई है। यह डेस्क किसी ऐसे लीग-टेबल परिणाम का आविष्कार नहीं करता है जिसका इस ड्यूरंड फाइनल में कोई उल्लेख नहीं है।
रविवार के डर्बी फाइनल का सार्वजनिक रिकॉर्ड 4-1 का स्कोर, बिपिन का 10वें मिनट का गोल, एडमंड की 12वें, 22वें और 44वें मिनट की हैट्रिक, मनवीर का 33वें मिनट का जवाब, सत्रहवां ड्यूरंड खिताब, मोहुन बागान के साथ बराबरी, 22 साल का इंतजार, 2004 का उदाहरण और पुरस्कारों के नाम हैं। कप लाल और सुनहरे रंग में ही रहेगा।
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