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प्रवर्तन निदेशालय ने YSRCP के पूर्व मंत्री को गिरफ्तार किया; शराब परिवहन टेंडर में ₹195.3 करोड़ का आरोप। सोमवार को कोर्ट में पेशी।

प्रवर्तन निदेशालय ने YSRCP के पूर्व मंत्री को गिरफ्तार किया; शराब परिवहन टेंडर में ₹195.3 करोड़ का आरोप। सोमवार को कोर्ट में पेशी।

प्रवर्तन निदेशालय ने रविवार, 23 अगस्त 2026 को हैदराबाद के कोंडपुर से पूर्व आंध्र प्रदेश नागरिक आपूर्ति मंत्री करुमूरी वेंकट नागेश्वर राव को गिरफ्तार किया। वह YSR कांग्रेस पार्टी के नेता हैं। एजेंसी ने धन शोधन निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई की। सोमवार को कोर्ट में पेशी की उम्मीद है। ये एजेंसी के कदम हैं, कोई सजा नहीं।

धन शोधन का मामला आंध्र प्रदेश सीआईडी की एफआईआर पर आधारित है, जो पिछले YSR कांग्रेस सरकार के शराब परिवहन अनुबंधों की सतर्कता रिपोर्ट के बाद आई थी। प्रवर्तन निदेशालय का आरोप है कि 2020 में आंध्र प्रदेश स्टेट बेवरेज कॉर्पोरेशन लिमिटेड के राज्यव्यापी शराब परिवहन टेंडर में हेरफेर की गई। सिग्मा सप्लाई चेन सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड को नाममात्र का मुख्य ठेकेदार बताया गया है। एजेंसी का आरोप है कि वास्तविक काम उप-ठेकेदारों के माध्यम से किया गया। ये प्रवर्तन निदेशालय के आरोप हैं, ट्रायल कोर्ट के निष्कर्ष नहीं।

एजेंसी के अनुमान के अनुसार, इस परियोजना ने अक्टूबर 2021 से मार्च 2023 के बीच लगभग ₹349 करोड़ उत्पन्न किए। कथित अपराध की कमाई या गलत नुकसान ₹195.3 करोड़ बताया गया है। प्रवर्तन निदेशालय आगे आरोप लगाता है कि नागेश्वर राव और उनके बेटे करुमूरी सुनील कुमार को नकद और बैंक चैनलों के माध्यम से लगभग ₹15 करोड़ मिले, और 85 प्रतिशत लाभ हिस्सेदारी की मांग की गई। सुनील ने इसी खाते पर श्री सुदर्शन कंस्ट्रक्शंस के माध्यम से संचालन संभाला। ₹195.3 करोड़, ₹349 करोड़ और ₹15 करोड़ अभी भी कथित आंकड़े हैं। यह डेस्क लाभ-हिस्सेदारी का कार्यक्रम या बैंक-खाता सूची नहीं बनाएगा जो टिप में नहीं है।

टेंडर की दरें अलग-अलग विभागों में अलग-अलग हैं। एक सार्वजनिक खाता एजेंसी की लाइन को दोहराता है कि सरकार ने लगभग ₹35 प्रति किलोमीटर भुगतान किया जबकि प्रचलित दर ₹13 प्रति किलोमीटर थी। दूसरा खाता लगभग ₹33 केस प्रति किलोमीटर के टेंडर को दोहराता है जबकि पहले की दर ₹19.60 के करीब थी, जिसमें उप-ठेकेदार की दरें ₹19–22 थीं। इकाइयाँ समान नहीं हैं। यह डेस्क उन्हें एक एकल आविष्कृत दर में नहीं मिलाएगा।

अग्रिम जमानत का इतिहास भी अलग-अलग रिपोर्ट किया गया है। एक डेस्क कहता है कि अग्रिम जमानत आंध्र प्रदेश उच्च न्यायालय और सर्वोच्च न्यायालय द्वारा खारिज कर दी गई थी। दूसरा कहता है कि तेलंगाना उच्च न्यायालय और सर्वोच्च न्यायालय द्वारा। दोनों खाते सहमत हैं कि सर्वोच्च न्यायालय अस्वीकृति की श्रृंखला में है। यह डेस्क उच्च न्यायालय के संघर्ष को दर्ज करता है और यह नहीं चुनेगा कि कौन सी उच्च न्यायालय की लाइन सच है।

इसी मामले में पहले गिरफ्तार किए गए अन्य लोगों में जून में सुनील कुमार, पूर्व आंध्र प्रदेश स्टेट बेवरेज कॉर्पोरेशन लिमिटेड के प्रबंध निदेशक वासुदेव रेड्डी और पूर्व सूचना-प्रौद्योगिकी सलाहकार कसीरेड्डी राजशेखर रेड्डी शामिल हैं। नागेश्वर राव को चौथा आरोपी बताया गया है। प्रवर्तन निदेशालय ने लगभग ₹37.7 करोड़ को अस्थायी रूप से अटैच किया है — कोकापेट और खजागुडा में जमीन, खदान के अधिकार, वाहन, घड़ियाँ और बैंक बैलेंस। धन शोधन निवारण अधिनियम के तहत अस्थायी अटैचमेंट निर्णय के अधीन है। यह अंतिम जब्ती का आदेश नहीं है।

YSR कांग्रेस के पूर्व मंत्री चेल्लुबोयना वेणुगोपाल कृष्ण, अनिल कुमार यादव और विदाला राजिनी ने इस गिरफ्तारी को तेलुगु देशम पार्टी के नेतृत्व वाले गठबंधन द्वारा राजनीतिक प्रतिशोध बताया और झूठे मामले का आरोप लगाया। यह उनका आरोप है। यह इस डेस्क या अदालत का निष्कर्ष नहीं है।

गिरफ्तारी की जगह हैदराबाद का कोंडपुर है। अनुबंध की जगह आंध्र प्रदेश है। 24 अगस्त के पेपर के लिए सोमवार की कोर्ट पेशी लाइव लाइन थी। इस फाइल पर फॉर्म B और किसी चुनाव की तारीख की सूचना नहीं है। जब तक अदालत फैसला नहीं लिखती, सार्वजनिक बहीखाता धन शोधन निवारण अधिनियम के तहत रविवार की गिरफ्तारी, कथित ₹195.3 करोड़ की कमाई या नुकसान का आंकड़ा, अक्टूबर 2021 से मार्च 2023 के लिए लगभग ₹349 करोड़ का परियोजना टर्नओवर, पिता और पुत्र को कथित ₹15 करोड़, अस्थायी ₹37.7 करोड़ अटैचमेंट, विरोधाभासी उच्च न्यायालय अग्रिम जमानत खाते और राजनीतिक प्रतिशोध का जवाबी आरोप है। हर रुपया और हर आरोप अभी भी आरोप है।