तेलंगाना बीजेपी अध्यक्ष एन. रामचंद्र राव ने 48 घंटे का भूख हड़ताल नींबू पानी से खत्म किया। अब भी फीस के बकाया को लेकर तीन अलग-अलग करोड़ के आंकड़े सामने हैं।

तेलंगाना भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष एन. रामचंद्र राव ने मंगलवार, 25 अगस्त 2026 को नामपल्ली स्थित राज्य कार्यालय में अपना 48 घंटे का भूख हड़ताल समाप्त किया। उन्होंने सोमवार, 24 अगस्त को धarna चौक पर जाने की अनुमति पुलिस द्वारा न दिए जाने के बाद यह हड़ताल शुरू की थी। बैनर पर 'फीसुल बाकाय, बीजेपी लडाय' लिखा था। भारतीय जनता पार्टी के सांसद के. लक्ष्मण ने हड़ताल समाप्त होने पर उन्हें नींबू पानी पिलाया। मंगलवार का दिन इसी नींबू पानी से हड़ताल खत्म होने के लिए जाना जाएगा। यह कोई सरकारी आदेश नहीं है।
पार्टी द्वारा पेश किए गए बकाया के आंकड़े अभी भी तीन अलग-अलग सार्वजनिक दावों में बंटे हैं। सोमवार के शुरुआती कार्ड्स में लगभग ₹15,000 करोड़ का आंकड़ा छपा था। मंगलवार के अंतिम कार्ड में ₹12,000 करोड़ छपा, जिसमें से ₹8,000 करोड़ दिसंबर 2023 में भारत राष्ट्र समिति (BRS) के सत्ता छोड़ने के समय से ही लंबित था। दूसरे दिन के एक तीसरे सार्वजनिक दावे में ₹12,000 करोड़ से ₹15,000 करोड़ के बीच का बैंड छपा। हमारा डेस्क इस अंतर को नहीं मिलाएगा। लगभग ₹15,000 करोड़, ₹12,000 करोड़ (जिसमें ₹8,000 करोड़ का BRS-काल का हिस्सा है) और ₹12,000 करोड़ से ₹15,000 करोड़ का बैंड, ये सभी पार्टी के आंकड़े के रूप में पेज पर बने रहेंगे। ये कोई सरकारी बकाया खाता नहीं है जिसे हमारा डेस्क खुद से बनाएगा।
छात्रों की संख्या भी इसी तरह के विरोधाभासों में उलझी है। शुरुआती कार्ड्स में लगभग ₹40 लाख छात्रों का आंकड़ा था। मंगलवार के अंतिम कार्ड में लगभग ₹20 लाख छपा। तीसरे सार्वजनिक दावे में ₹25 लाख छपा। शुरुआती कार्ड्स में यह भी कहा गया था कि पार्टी ने लगभग ₹5 लाख छात्रों के हस्ताक्षर जुटाए हैं। लगभग ₹40 लाख, ₹20 लाख, ₹25 लाख और लगभग ₹5 लाख हस्ताक्षर, ये पार्टी के चार अलग-अलग नंबर हैं। हमारा डेस्क इन्हें मिलाकर एक काल्पनिक नामांकन तैयार नहीं करेगा।
पार्टी ने कहा कि सरकार ने उच्च न्यायालय के निर्देश के बाद अगले वर्ष के लिए ₹2,000 करोड़ के एडवांस की घोषणा की थी, लेकिन उसे जारी करने में विफल रही। प्रमाण पत्र रोक दिए गए हैं। मंगलवार के अंतिम कार्ड के अनुसार, कॉलेज कर्मचारियों को वेतन देने में असमर्थ रहे हैं। मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी शिक्षा विभाग का प्रभार संभालते हैं। यह कहना कि घोषित एडवांस जारी नहीं किया गया, केवल एक पार्टी का दावा है। यह कोई अदालती फैसला नहीं है कि कल ₹2,000 करोड़ देय हैं, और यह कोई ट्रेजरी वाउचर नहीं है जिसे हमारा डेस्क छापेगा।
परिवहन और पिछड़ा वर्ग कल्याण मंत्री पोन्नम प्रभाकर ने कहा कि यह हड़ताल एक नाटक था। उन्होंने अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, पिछड़ा वर्ग और अल्पसंख्यक छात्रों के लिए इस शैक्षणिक वर्ष से एडवांस फीस प्रतिपूर्ति का दावा किया। पार्टी का दावा बनाम मंत्री का दावा, यही मंगलवार का रिकॉर्ड है। हमारा डेस्क इन पर फैसला सुनाने के लिए कोई सरकारी बकाया खाता नहीं बनाएगा।
नामपल्ली का राज्य कार्यालय ही इस घटना का केंद्र है। पुलिस ने धarna चौक जाने की अनुमति नहीं दी थी। फॉर्म बी या किसी नागरिक-चुनाव की तारीख इस राजनीतिक रिपोर्टिंग का हिस्सा नहीं है। हमारा डेस्क कोई प्रतिपूर्ति चेक नंबर, कॉलेज-वार बकाये की तालिका, या कैबिनेट का ऐसा फैसला नहीं छापेगा जो मंगलवार के अंतिम अपडेट में नहीं है।
जब तक कोई एक आधिकारिक खाता एक करोड़ का आंकड़ा और एक छात्र संख्या नहीं लिख देता, तब तक सार्वजनिक खाता सोमवार से मंगलवार तक के 48 घंटे के राज्य कार्यालय में भूख हड़ताल, धarna चौक पर रोक के बाद, के. लक्ष्मण द्वारा नींबू पानी से हड़ताल समाप्त होना, ₹15,000 करोड़ के मुकाबले ₹12,000 करोड़ (जिसमें ₹8,000 करोड़ BRS के वर्षों से है) और ₹12,000 करोड़ से ₹15,000 करोड़ के बैंड के तीन पार्टी बकाया खाते, ₹40 लाख के मुकाबले ₹20 लाख के मुकाबले ₹25 लाख के तीन छात्र संख्या, लगभग ₹5 लाख हस्ताक्षर का दावा, ₹2,000 करोड़ के उच्च न्यायालय-लिंक्ड एडवांस के जारी न होने का पार्टी का दावा, अंतिम कार्ड पर रोके गए प्रमाण पत्र और कॉलेज के कर्मचारियों का बकाया, शिक्षा विभाग मुख्यमंत्री के पास होना, और मंत्री का यह खंडन कि हड़ताल एक नाटक था और सूचीबद्ध सामाजिक श्रेणियों के लिए एडवांस इस शैक्षणिक वर्ष में शुरू हो गए हैं, यही सच्चाई है। इस रिपोर्ट में हर करोड़ अभी भी एक दावा है।
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