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नंदयाल के श्रीशैलम में एक परिवार के पांच सदस्यों की संदिग्ध मौत। पुलिस ने आत्महत्या की आशंका जताई है और शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।

नंदयाल के श्रीशैलम में एक परिवार के पांच सदस्यों की संदिग्ध मौत। पुलिस ने आत्महत्या की आशंका जताई है और शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।

श्री सत्य साई जिले के बथलापल्ली गांव के एक ही परिवार के पांच सदस्य मंगलवार, 25 अगस्त 2026 को नंदयाल जिले के श्रीशैलम स्थित वड्डेर चॉलट्री में मृत पाए गए। पुलिस ने इनकी पहचान 50 वर्षीय गोगुला आदि लक्ष्मी, 45 वर्षीय मल्लेश्वरी, 36 वर्षीय पी. सुधाकर (जिसे पल्लापू सुधाकर भी कहा जाता है), 33 वर्षीय श्रीदेवी और 15 वर्षीय मणिकांता के रूप में की है। यह चॉलट्री और आत्मकुर पुलिस सबडिवीजन नंदयाल जिले में ही स्थित हैं। एक सार्वजनिक जानकारी के अनुसार, तीन महिलाओं को बाथरूम में फांसी के फंदे पर लटका पाया गया, जबकि सुधाकर और मणिकांता को एक कमरे में छत के पंखे से लटका हुआ पाया गया। चॉलट्री के कर्मचारियों ने दो दिनों तक उन्हें न देखे जाने और कमरे से बदबू आने के बाद दरवाजा तोड़ दिया और पुलिस को सूचित किया। आत्मकुर के डिप्टी सुपरिंटेंडेंट ऑफ पुलिस (डीएसपी) रमनजनेयुलु के नेतृत्व में एक टीम मौके पर पहुंची और शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। बथलापल्ली में रहने वाले रिश्तेदारों को सूचित कर दिया गया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट अभी लंबित है।

एक अन्य सार्वजनिक जानकारी के अनुसार, सुधाकर अविवाहित थे, परिवार गंभीर आर्थिक संकट से जूझ रहा था, और दो विवाहित बहनों को कथित तौर पर दहेज संबंधी मुद्दों पर उनके पतियों ने छोड़ दिया था। एक अन्य अविवाहित बहन शारीरिक रूप से विकलांग थी। पुलिस को संदेह है कि बढ़ते कर्ज और स्वास्थ्य समस्याओं के कारण उन्होंने यह कदम उठाया। सुधाकर एक ऑटो-रिक्शा चलाकर परिवार का भरण-पोषण करते थे। ये केवल पुलिस की प्रारंभिक आशंकाएं हैं और कोई अंतिम कारण नहीं हैं।

परिवार के श्री सत्य साई जिले के बथलापल्ली (जिसे कुछ जगहों पर बट्टलापल्ली भी लिखा जाता है) गांव का निवासी था। उनके आने की तारीख को लेकर अलग-अलग बातें सामने आ रही हैं। एक जानकारी के अनुसार, वे लगभग एक महीने पहले श्रीशैलम आए थे और ₹800 प्रतिदिन का किराया दे रहे थे। जब कर्मचारियों ने उन्हें कमरा खाली करने को कहा, तो उन्होंने पारिवारिक समस्याओं और विशेष पूजा का हवाला देते हुए और समय मांगा। दूसरी जानकारी के अनुसार, पल्लापू सुधाकर 28 जुलाई 2026 को तीन बहनों और 15 वर्षीय भतीजे के साथ वड्डे सത്രം में एक कमरा लेकर आए थे। तीसरी जानकारी के अनुसार, वे 20 अगस्त को रूम नंबर 11 में रुके थे और उनका तीन दिन का कार्यक्रम था। पुलिस ने आत्महत्या की आशंका जताई है, लेकिन यह कोई अंतिम निष्कर्ष नहीं है। जब तक पोस्टमार्टम और जांच पूरी नहीं हो जाती, तब तक यह मामला खुला रहेगा। नंदयाल ही वह जिला है जहाँ यह घटना हुई है।