प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम के तहत रविवार को फहीम मोइन हुसैन सैयद और नईम मुईन सैयद को गिरफ्तार किया। यह कार्रवाई गोवा में शुरू हुई एक डिजिटल-अरेस्ट साइबर धोखाधड़ी की जांच के सिलसिले में की गई है।
प्रवर्तन निदेशालय ने सोमवार को पूर्व शिक्षा मंत्री पार्थ चटर्जी, अर्पिता मुखर्जी और कुंतल घोष के खिलाफ पूरक शिकायत दायर की। यह शिकायत 20 अगस्त को कोलकाता की एक विशेष अदालत में दायर की गई थी, जिसमें कम से कम ₹630.40 करोड़ की कथित आय का जिक्र है।
जस्टिस विक्रम नाथ और संदीप मेहता की बेंच ने सोमवार को चीफ सेक्रेटरी और गृह सचिव के 3 अगस्त के शो-कॉज के बाद सीबीआई से एक नई स्टेटस रिपोर्ट मांगी है। बेंच ने चेतावनी दी कि 17 ट्रंक के दस्तावेज़ों के बड़े ढेर से जांच में देरी हो सकती है, लेकिन यह कोई अंतिम निष्कर्ष नहीं है।
सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को E.A.S. सरमा की जनहित याचिका में CBI और ED की नई स्टेटस रिपोर्ट दर्ज की। याचिका में ₹40,000 करोड़ का आंकड़ा है, जबकि सरकार का आंकड़ा ₹27,337 करोड़ है, दोनों को अलग-अलग रखा गया है। रिपोर्ट दर्ज करना धोखाधड़ी का निष्कर्ष नहीं है, अगली तारीख सार्वजनिक जानकारी में नहीं है।
प्रवर्तन निदेशालय के लखनऊ जोनल कार्यालय ने सोमवार को मुजफ्फरनगर, गाजियाबाद और फरीदाबाद में नौ परिसरों की तलाशी ली। यह Prevention of Money Laundering Act का मामला है जिसमें Jambudwip Exports और Imports शामिल हैं।
तेलंगाना उच्च न्यायालय ने 24 अगस्त 2026 को कल्याण लक्ष्मी और शादी मुबारक योजनाओं से जुड़े आठ सरकारी आदेशों पर अपनी अंतरिम रोक को आंशिक रूप से संशोधित किया। न्यायालय ने केवल G.O. Ms. No. 4 पर से रोक हटाई है, जबकि बाकी सात आदेशों पर रोक बरकरार है।
साइबरabad नगर निगम आयुक्त जी. श्रीजाना ने 24 अगस्त 2026 को अवैध इमारतों को चिह्नित कर गिराने का आदेश दिया। सोमवार की रिपोर्ट के अनुसार 38 इमारतें मिली हैं, जिनमें 28 को नोटिस दिया गया है, 9 गिराई गई हैं और 1 को ज़ब्त किया गया है।
आंध्र प्रदेश हाई कोर्ट की डिवीजन बेंच ने सोमवार को जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि निर्धारित पर्यावरण मंजूरी प्रक्रिया को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। याचिका में आरोप लगाया गया है कि सिम्हाचलम मंदिर की जमीन को विजाग हाइपरस्केल डेटा सेंटर पार्क लिमिटेड को दिया गया था, जिसे बेंच ने अगले हफ्ते काउंटर के लिए पोस्ट कर दिया।
सोमवार को हाई कोर्ट कमेटी ने 10 अगस्त की रिपोर्ट के आधार पर पुलिस और बाल कल्याण अधिकारियों को मंगलवार तक विस्तृत रिपोर्ट देने का निर्देश दिया। यह एक निगरानी आदेश है, दोषसिद्धि नहीं।