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अंजैया नगर हादसे के दो दिन बाद साइबरabad में 38 अवैध निर्माणाधीन इमारतें मिलीं। निगम ने कहा है कि अब से इन पर रोज़ाना नज़र रखी जाएगी।

अंजैया नगर हादसे के दो दिन बाद साइबरabad में 38 अवैध निर्माणाधीन इमारतें मिलीं। निगम ने कहा है कि अब से इन पर रोज़ाना नज़र रखी जाएगी।

अंजैया नगर में हुए हादसे के दो दिन बाद, साइबरabad नगर निगम ने सोमवार, 24 अगस्त 2026 को अवैध निर्माणाधीन इमारतों की एक नई आधिकारिक गिनती पेश की और कहा कि सोमवार से इन इमारतों को गिराने की प्रक्रिया पर रोज़ाना नज़र रखी जाएगी। यह रिपोर्ट सोमवार के अभियान और सोमवार की गिनती पर आधारित है। यह शनिवार के हादसे, सैयद साजिद की हिरासत या टाउन प्लानिंग बिल्डिंग ऑफिसर यू. संतोष कुमार के निलंबन की रिपोर्ट का पुनर्लेखन नहीं है, जो पहले ही जारी की जा चुकी है। हादसे वाली जगह के पास स्थित इमारतों को गिराना केवल संदर्भ के लिए है। यह मुख्य मुद्दा नहीं है।

आयुक्त जी. श्रीजाना ने टाउन-प्लानिंग और प्रवर्तन (एनफोर्समेंट) टीमों को चिह्नित अवैध निर्माणाधीन इमारतों की पहचान करने और उन्हें गिराने का निर्देश दिया है। इन श्रेणियों में इमारतों को गिराने की रोज़ाना निगरानी सोमवार से शुरू हो गई है। निगम के प्रेस बयान में इसके दो मानदंड बताए गए हैं। पहला: 75 वर्ग गज से छोटे प्लॉट पर बनी निर्माणाधीन इमारतें जिनकी ऊंचाई 7 मीटर से अधिक हो। दूसरा: 75 वर्ग गज से बड़े प्लॉट पर बिना किसी निर्माण अनुमति के बनी इमारतें, चाहे उनकी ऊंचाई कुछ भी हो। ये मामले नागरिकों की शिकायतों या स्वतः (suo motu) फील्ड जांच के ज़रिए सामने आ सकते हैं। बयान में 75 वर्ग गज और 7 मीटर की सीमा तय की गई है। यह डेस्क बयान में न दी गई कोई तीसरी शर्त या वार्ड-वार लक्ष्य नहीं बनाएगी।

अंजैया नगर हादसे के बाद सोमवार के प्रवर्तन अभियान की गिनती इस प्रकार है: 38 अवैध निर्माणाधीन इमारतों की पहचान की गई है, 28 को नोटिस दिए गए हैं, एक इमारत ज़ब्त की गई है और 9 इमारतें गिराई गई हैं। ये चार आंकड़े — 38, 28, 9 और 1 — सोमवार के एक ही अभियान के कई सार्वजनिक बयानों में मौजूद हैं। पहचान करना पूरे शहर की इमारतों को गिराने की कोई अंतिम सूची नहीं है। नोटिस देना मतलब इमारत का गिरना नहीं है। ज़ब्ती का मतलब दोषसिद्धि (conviction) नहीं है।

आयुक्त ने कहा कि निरीक्षण में ऐसी सभी इमारतों को शामिल किया जाएगा, न कि केवल गच्चीबाउली के अंजैया नगर में ढही इमारत के आसपास की इमारतों को। इमारतों को गिराने का काम हैदराबाद आपदा प्रतिक्रिया और संपत्ति निगरानी एवं संरक्षण एजेंसी (HDRAMPA) के समन्वय से किया जा रहा है। अधिकारियों ने नालों पर अवैध संरचनाओं का भी संज्ञान लिया। कुकटपल्ली ज़ोन में, कुकटपल्ली हाउसिंग बोर्ड के एलआईजी-532, 7वें चरण में इमारतों को गिराने की खबर मिली है। सोमवार की रिपोर्ट में यह एक नामित जगह है। यह डेस्क कुकटपल्ली का कोई दूसरा पता नहीं बनाएगी।

हैदराबाद आपदा प्रतिक्रिया और संपत्ति निगरानी एवं संरक्षण एजेंसी के आयुक्त ए.वी. रंगनाथ और कुकटपल्ली ज़ोनल आयुक्त मयंक सिंह ने सोमवार को हादसे वाली जगह का दौरा किया। सोमवार को खोली गई रिपोर्टों में ठेकेदार खजा मोइनुद्दीन अभी भी लापता है। 'लापता' ही सही शब्द है। 'गिरफ्तार' नहीं। यह डेस्क ठेकेदार को हिरासत में नहीं मानेगी।

साइबरabad नगर निगम ही प्राधिकारी है। यह ग्रेटर हैदराबाद नगर निगम (GHMC) नहीं है। गच्चीबाउली का अंजैया नगर वह जगह है जहाँ हादसा हुआ, जिसने सोमवार की गिनती को जन्म दिया; हालांकि यह अभियान नामित श्रेणियों के लिए पूरे शहर में चलाया जा रहा है। फॉर्म बी और GHMC, साइबरabad नगर निगम या मलकाजगिरि नगर निगम के किसी भी चुनाव की तारीख की कोई सूचना नहीं दी गई है। यह डेस्क चुनाव की तारीख या नामांकन की तारीख नहीं छापेगी।

मंगलवार की दैनिक निगरानी द्वारा नई गिनती आने तक, सार्वजनिक ब्योरा सोमवार के निगम के निर्देश, दो प्लॉट और ऊंचाई के मानदंड, 38 अवैध निर्माणाधीन इमारतों की पहचान, 28 नोटिस, 9 इमारतों को गिराने, 1 को ज़ब्त करने, कुकटपल्ली हाउसिंग बोर्ड की जगह एलआईजी-532, आपदा-प्रतिक्रिया एजेंसी के साथ समन्वय, ए.वी. रंगनाथ और मयंक सिंह द्वारा जगह के दौरे, और अभी भी लापता ठेकेदार पर आधारित है। शनिवार के हादसे की रिपोर्ट पहले ही जारी की जा चुकी है। सोमवार की गिनती नई आधिकारिक संख्या है, और 25 अगस्त के अंक में रोज़ाना निगरानी जारी रहेगी।